अगर समय रहते पोक्का रोग पर ध्यान न दिया जाए तो गन्ने की फसल को भारी नुकसान हो सकता है। इस लेख में जानिए कैसे शुरुआती लक्षण पहचानें और सही फफूंदनाशक से इलाज कर फसल को बचाएं ताकि उपज भी बनी रहे और मेहनत भी रंग लाए।
By Robin Kumar Attri

1. रोग का नाम: गन्ने में पोक्का रोग होता है, जो फुसैरियम नाम के फफूंद से फैलता है।
2. लक्षण क्या हैं: पत्तियों पर सफेद धब्बे दिखते हैं, पत्तियाँ मुरझा जाती हैं, काली पड़ने लगती हैं और पौधे की बढ़वार रुक जाती है।
3. कहाँ असर करता है: सबसे ज़्यादा असर ऊपर की पत्तियों पर दिखता है, जो मुड़कर चाबुक जैसी लगने लगती हैं।
4. इलाज क्या करें: जैसे ही लक्षण दिखें, कार्बेन्डाजिम (0.1%) और कॉपर ऑक्सीक्लोराइड (0.25%) का स्प्रे करें।
5. कब स्प्रे करें: शुरुआत में लक्षण दिखते ही पहली बार छिड़काव करें और 10-15 दिन बाद दोबारा।
6. फायदा क्या होगा: सही समय पर इलाज करने से फसल बचती है, नुकसान कम होता है और पैदावार अच्छी मिलती है।
पोक्का रोग अक्सर जुलाई सेअगस्त के बीच फैलता है, जब धूप और बारिश बार-बार बदलती रहती है। यही समय फंगस के पनपने का होता है। अगर जल्दी पहचान लें, तो नुकसान को रोका जा सकता है।
जब गन्ने में पोक्का रोग लग जाता है, तो सबसे पहले पत्ती और तने के जोड़ पर सफेद धब्बे दिखने लगते हैं और धीरे-धीरे पत्तियाँ मुरझा जाती हैं, काली पड़ने लगती हैं और ऊपर का हिस्सा सड़कर गिर जाता है जिससे पौधा रुक जाता है, और गन्ना छोटा और कमजोर रह जाता है,जिन किस्मों में पत्तियाँ चौड़ी होती हैं, उनमें ये बीमारी और भी तेज असर करती है।कई बार पत्तियों के किनारों पर चाकू जैसे कट भी दिखते हैं, और पूरा पौधा टेढ़ा-मेढ़ा व बौना सा लगने लगता है।
उत्तर प्रदेश के कृषि वैज्ञानिकों के अनुसार,इस रोग के लक्षण सबसे पहले गन्ने की ऊपर वाली पत्तियों पर दिखाई देते हैं।शुरुआत में पत्तियाँ सफेद धब्बों के साथ मुड़ जाती हैं और एक-दूसरे से चिपककर चाबुक जैसी आकृति बना लेती हैं,फिर वो पत्तियाँ सड़ने लगती हैं, और बाद में सूखकर गिर जाती हैं।अगर समय पर इलाज न किया जाए, तो ऊपर की सारी पत्तियाँ सूख जाती हैं और गन्ने का ऊपरी हिस्सा सूखा और कमजोर हो जाता है जिससे गन्ना पूरी लंबाई तक बढ़ ही नहीं पाता।
जैसे ही बीमारी के शुरुआती लक्षण दिखें, देरी न करें और तुरंत इलाज करें।
1. कार्बेन्डाजिम का छिड़काव करें: 400 ग्राम कार्बेन्डाजिम 50 WP को 400 लीटर पानी में मिलाएं और प्रति एकड़ छिड़काव करें।
2. कॉपर ऑक्सीक्लोराइड का इस्तेमाल करें: 800 ग्राम कॉपर ऑक्सीक्लोराइड 50 WP को 400 लीटर पानी में मिलाकर प्रति एकड़ छिड़कें।
3. संयोजन (मिक्स) उपचार: 400 लीटर पानी में 400 ग्राम कासुगीमाइसिन 5 WP और कॉपर ऑक्सीक्लोराइड 45 WP मिलाएं और इस घोल को प्रति एकड़ स्प्रे करें,अगर ज़रूरत हो तो 10-15 दिन बाद दोबारा स्प्रे करें।
अगर ये उपाय समय पर किए जाएं, तो गन्ने की फसल को बड़े नुकसान से बचाया जा सकता है, और स्वस्थ, भरपूर उपज ली जा सकती है।
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CMV360 कहता हैं:
पोक्का रोग गन्ने की फसल के लिए खासकर बरसात के मौसम में बड़ा खतरा बन सकता है। अगर समय रहते इसका इलाज न किया जाए तो फसल को काफी नुकसान हो सकता है,किसान भाइयों को चाहिए कि जैसे ही पत्तियों पर सफेद धब्बे या मुरझाने के लक्षण दिखें, तुरंत कार्बेन्डाजिम और कॉपर ऑक्सीक्लोराइड जैसे फफूंदनाशकों का छिड़काव करें। ये छोटे-छोटे कदम फसल को बचाने, पैदावार को मजबूत बनाने और आपकी मेहनत की कमाई को सुरक्षित रखने में बहुत मदद करते हैं,समय पर सावधानी ही गन्ने की अच्छी फसल की सबसे बड़ी गारंटी है।

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